बुधवार, 4 अगस्त 2010

ओशो...............अतीत और भविष्य से मुक्ति

6 comments:

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत बहुत आभार. ओशो दर्शन का मैं जबरदस्त फैन हूँ. नित नियम से सुनता हूँ. अनेकों सीडी और कैसेट अलमारी में भर रखे हैं. जितनी बार भी सुनो, कम है.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

सुन्दर उपदेश!

Shekhar Suman ने कहा…

achha video.....
ek baat kehna chahunga, background image ke karan aapke blog ki spashtta aur khubsurti chali gayi hai..
kripya dhyan dein....

Deepak Shukla ने कहा…

सुमन जी...

मैं यहाँ यू tube पर तकनीकी खामी के चलते हालाँकि भगवन रजनीश का ये व्याख्यान सुन नहीं पाया हूँ...पर मैंने उनके द्वारा लिखित साहित्य में से कुछ किताबें पढ़ीं हैं...और मैं उनके पुणे स्थित आश्रम मैं तब भी गया हूँ जब आचार्य रजनीश जी ने निर्वान प्राप्त नहीं किया था...

दीपक....

अभिन्न ने कहा…

भटकती मानवता को समय समय पर महापुरुषों ने सही और सरल राह दिखाई है,परन्तु समय के साथ साथ वही सरल सुगम रास्ता हम लोगों ने कठीन और जटिल बना दिया ओशो ने जो राह बताई है वह आज के परिपेक्ष्य में पूर्णता कारगर है .....ब्लॉगजगत में इस तरह के विषयों पर कम ही पढ़ा लिखा जाता है परन्तु आप ने इस का वीडियो भी उपलब्ध करा दिया यह सराहनीय कार्य है ...आपका ब्लॉग बहुत सुन्दर लगा लिखते रहिये हम पढ़ते रहेंगे

manu ने कहा…

जी,
ओशो को थोड़ा बहुत हम भी मानते हैं शुरू से...

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