शनिवार, 11 सितंबर 2010

जीवन के पल

हर गुजरा पल
              इक याद छोड़ जाता है ,
उस याद के भरोसे
              इक आस छोड़ जाता है ,
आस के बहकावे में
              इक सांस छोड़ जाता है ,
सांस की परछाई में
              इक घुटन छोड़ जाता है ,
घुटन में जकड़ कर
              इक जीवन छोड़ जाता है ,
जीवन को जीने के लिये
              इक इंसान छोड़ जाता है !!


                                                                         सुमन ‘मीत’

22 comments:

Rajey Sha ने कहा…

हुं.....काफी कुछ छोड़ जाता है, अगर हम जि‍न्‍दा बचे रहें।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

कोई तो होता है न साथ जीने के लिए ...अच्छी रचना

ana ने कहा…

shabdo ko bahut achchhe se sanjoya hai aaapne........badhiya....badhai

Manav Mehta ने कहा…

bahut achhe ji....
aur fir insaan ko ye jahan chod jata hai....
bahut achhi rachna hui hai....

ललित शर्मा ने कहा…

बेहतरीन लेखन के लिए बधाई और शुभकामनाएं

संडे का फ़ंडा-गोल गोल अंडा

ब्लॉग4वार्ता पर पधारें-स्वागत है।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

और इंसान मजबूर है जीवन ढोने के लिए ....
अची रचना है ...

Saras ने कहा…

बहुत सुन्दर कविता है. बिलकुल सही कहा है

इमरान अंसारी ने कहा…

वाह........वाह बहुत सुन्दर रचना ...........पर क्या जिंदगी सिर्फ एक घुटन का
नाम है ? मैं आपसे पूछता हूँ ..............

कभी फुर्सत में हमारे ब्लॉग पर भी आयिए-
http://jazbaattheemotions.blogspot.com/
http://mirzagalibatribute.blogspot.com/
http://khaleelzibran.blogspot.com/
http://qalamkasipahi.blogspot.com/

एक गुज़ारिश है ...... अगर आपको कोई ब्लॉग पसंद आया हो तो कृपया उसे फॉलो करके उत्साह बढ़ाये|

Suman ने कहा…

har gujra pal yek yad chod jata hai.........bahut sunder........

ओशो रजनीश ने कहा…

अच्छी पंक्तिया ........

इसे भी पढ़कर कुछ कहे :-
(आपने भी कभी तो जीवन में बनाये होंगे नियम ??)
http://oshotheone.blogspot.com/2010/09/blog-post_19.html

Babli ने कहा…

मेरे ब्लॉग पर आने के लिए और टिपण्णी देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया!
बहुत सुन्दर और शानदार रचना लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है! बधाई!

आशीष/ ਆਸ਼ੀਸ਼ / ASHISH ने कहा…

लम्हा-लम्हा बनता जीवन,
इस जीवन में कुछ लम्हें हैं...
सच में!
आशीष
--
बैचलर पोहा!!!

खबरों की दुनियाँ , भाग्योत्कर्ष ने कहा…

सशक्त अभिव्यक्ति ,सच के बदले । बधाई

ओम पुरोहित'कागद' ने कहा…

आज आपके फ़ेस्बुक आदेश की अनुपालना में आपके ब्लोग का पूर्णतया अवकोकन किया !बडा़ ही शानदार व जानदार ब्लोग है आपका ! बडी़ शानदार रचनाएं भी पढ़ने को मिली !
बधाई हो सुमन !

Babli ने कहा…

बहुत सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ लाजवाब रचना लिखा है आपने! बधाई!

सुमन'मीत' ने कहा…

आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया............

JAGDISH BALI ने कहा…

वाह ! गागर में सागर जीवन का आप ने भर दिया है !

JAGDISH BALI ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
sandhyagupta ने कहा…

वाह अत्यंत सुन्दर और भावपूर्ण.

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत सुन्दर कविता है. बिलकुल सही कहा है

M VERMA ने कहा…

नये प्रयोग की रचना ..
बेहतरीन

ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι ने कहा…

इक नई रवानी लिये सुन्दर कविता के लिये आपको बधाई।

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