शनिवार, 16 जुलाई 2011

अनकहा सा

31 comments:

कुश्वंश ने कहा…

छेड़े ये किसने जज़्बात
कही दूर तक पहुची बात , बधाई

संध्या आर्य ने कहा…

ek ehasas jo lafz ban gaye ......

Mithilesh dubey ने कहा…

Bahut hee khubsurat rachna

vidhya ने कहा…

bahut he kub surath hai

ओम पुरोहित'कागद' ने कहा…

बहुत खूब सुमन !
अच्छे ज़ज़बात !
बेनूर मत होने दो !

Udan Tashtari ने कहा…

सुन्दर भावपूर्ण रचना...

संजय भास्कर ने कहा…

हर शब्‍द बहुत कुछ कहता हुआ, बेहतरीन अभिव्‍यक्ति के लिये बधाई के साथ शुभकामनायें ।

S.N SHUKLA ने कहा…

Bahut khoobsurat, badhai

मनोज कुमार ने कहा…

भावपूर्ण रचना।

Saru Singhal ने कहा…

bahut umdah!

Rakesh Kumar ने कहा…

वाह! सुन्दर भावपूर्ण प्रस्तुति.
आभार प्रकट करने के लिए 'लफ्ज बेजुबान'
हो रहे हैं.

मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है.

वन्दना महतो ! (Bandana Mahto) ने कहा…

achchi rachna ..... lay me likha gaya..... aur manzil tak aksar sahi me akele ho jaane ka dar bana rehta hai....

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

बेहतरीन.


सादर

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

बेहतरीन.
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कल 18/07/2011 को आपकी एक पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

Vivek Jain ने कहा…

बेहद खूबसूरत,
साभार,
विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

दिगम्बर नासवा ने कहा…

कभी कभी ये अनकहा कितना कुछ कह जाता है ... तीस उठाती है ये नज़्म दिल में ...

Surendra shukla" Bhramar"5 ने कहा…

सुमन मीत जी हार्दिक अभिवादन सुन्दर रचना बधाई
हाँ कभी कभी ये लम्हे बेनूर हो जाते है सब कुछ बेकार व्यर्थ लगता है लेकिन आओ इसमें गति दें धनात्मक बनें चित्र बनायें और रंग भरें

धन्यवाद -शुभ कामनाएं
शुक्ल भ्रमर ५
भ्रमर का दर्द और दर्पण

परमजीत सिँह बाली ने कहा…

सुन्दर भावपूर्ण रचना.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना!

नीलांश ने कहा…

very touching lines

Babli ने कहा…

वाह ! क्या बात है! ख़ूबसूरत चित्र के साथ साथ दिल को छू लेने वाली कविता! उम्दा प्रस्तुती!
मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/
http://seawave-babli.blogspot.com

रश्मि प्रभा... ने कहा…

ab to sun lo

अल्पना वर्मा ने कहा…

चित्रमय काव्य प्रस्तुति पसंद आई.

mahendra verma ने कहा…

कविता बहुत पसंद आई।

सुधीर ने कहा…

व्यथा की कविता, बहुत ही भावपूर्ण।

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

बेहतरीन रचना ....गहन अभिव्यक्ति

सदा ने कहा…

वाह ...बहुत खूब ।

SAJAN.AAWARA ने कहा…

aapki rachna bahut pasan aayi....
pahli baar aapke blog par aaya hun acha laga...

jai hind jai bharat

amrendra "amar" ने कहा…

BEHTREEN ABHIVYAKTI LIYE AAPKI RACHNA BAHUT PASAND AAYI ****
BADHAI

रचना दीक्षित ने कहा…

भावों की बेहतरीन प्रस्तुति

adil farsi ने कहा…

बहुत कुछ कह दिया है खमोशी ने ...सुंदर

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