बुधवार, 23 मई 2012

तुम कहते थे ना !!











तुम कहते थे ना !
ये जिंदगी की बाहें
मेरे अथाह प्यार को
नहीं समेट पाएंगी .....

आज देखो ना !

वही बाहें
ताक रही हैं मुझे
देख तन्हा
अजनबी की तरह .....!!



सु-मन 

24 comments:

शिवम् मिश्रा ने कहा…

बेहद उम्दा भाव ...

Udan Tashtari ने कहा…

वाह!! बहुत खूब!!

रविकर फैजाबादी ने कहा…

बढ़िया प्रस्तुति ।

आभार ।।

निर्मला कपिला ने कहा…

बहुत खूब़

दिगम्बर नासवा ने कहा…

कभी कभी प्रेम भी सूख जाता है ... तन्हाई जीवन बन जाती है .. गहरे ख्याल को उतारा है ...

shekhar suman.. शेखर सुमन.. ने कहा…

बहुत खूब.... आप भी शामिल हैं आज 24-5-2012 ब्लॉग बुलेटिन पर... धन्यवाद.... अपनी राय अवश्य दें...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर और सार्थक अभिव्यक्ति!

रविकर फैजाबादी ने कहा…

मित्रों चर्चा मंच के, देखो पन्ने खोल |

आओ धक्का मार के, महंगा है पेट्रोल ||

--

शुक्रवारीय चर्चा मंच

Anupama Tripathi ने कहा…

ज़िंदगी के बढ़ते हुए कदम ....
मेरे भाव और ये अकेलापन ...सुंदर अभिव्यक्ति ...!!

udaya veer singh ने कहा…

बहुत सुन्दर और सार्थक अभिव्यक्ति!

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

बहुत सुंदर

Rajesh Kumari ने कहा…

सुन्दर गहन भावपूर्ण क्षणिका

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

बहुत खूब....
सादर।

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

thode me hi bahut kuchh kah dala.
swapno se yatharth me jab aate hain to aisi hi kadvi sacchayi ka samna hota hai.

sushma 'आहुति' ने कहा…

खुबसूरत अल्फाजों में पिरोये जज़्बात...

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

behad khubsurat.... lal chatkili blog bhi khubsurat lag rahi hai:)

Sanju ने कहा…

Very nice post.....
Aabhar!
Mere blog pr padhare.

anklet ने कहा…

nice hai

शिवनाथ कुमार ने कहा…

काफी गहन भाव को लिए सुंदर सी क्षणिका ....

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

बेहद भावपूर्ण, बधाई.

सदा ने कहा…

भावमय करते शब्‍द ... आभार

amrendra "amar" ने कहा…

बहुत सुन्दर ...

Reena Maurya ने कहा…

गहरे अहसास लिए
भावयुक्त रचना....

piyu... ने कहा…

wah lajawab....kuch yaad aa gaya...

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