बुधवार, 10 अप्रैल 2013

तेरा ख़याल












मसरूफियत में खुद को अब डूबा लिया है हमने 
तेरे ख़यालों को इस तरह अब धोखा देते हैं हम !!

सु~मन 

26 comments:

नरेन्द्र व्यास ने कहा…

सुन्‍दर खयाल जी। आभार

रश्मि शर्मा ने कहा…

वाह....

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बहुत खूब ... उनके ख्याल आए तो आते चले गए ...

Aruna Kapoor ने कहा…

..बहुत खूब!...खयालों की यही तो परिभाषा है!

रविकर ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति-
शुभकामनायें-

Yashwant Mathur ने कहा…

बेहतरीन


सादर

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

अहा..

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) ने कहा…

प्रभावशाली ,
जारी रहें।

शुभकामना !!!

आर्यावर्त

आर्यावर्त में समाचार और आलेख प्रकाशन के लिए सीधे संपादक को editor.aaryaavart@gmail.com पर मेल करें।

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

wah..........

RAHUL- DIL SE........ ने कहा…

कोई ख्याल जब गुनगुन करने लगे तो .....यही होता है ...

दिलबाग विर्क ने कहा…

आपकी यह प्रस्तुति कल के चर्चा मंच पर है
कृपया पधारें

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
साझा करने के लिए आभार!

ब्लॉग बुलेटिन ने कहा…

आज की ब्लॉग बुलेटिन विश्व होम्योपैथी दिवस और डॉ.सैम्यूल हानेमान - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

Kalipad "Prasad" ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति-
LATEST POSTसपना और तुम

Amit Pithadia ने कहा…

very nice....

expression ने कहा…

ख़याल अपनी जगह मगर बना ही लेते हैं...हैं न???

अनु

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
नवसम्वत्सर-२०७० की हार्दिक शुभकामनाएँ स्वीकार करें!

Udan Tashtari ने कहा…

बढ़िया!

धनपत स्वामी ने कहा…

बहुत खूब जी....वाह !!

महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा…

ओह, बहुत सुंदर

abhishek shukla ने कहा…

गागर में सागर उड़ेल दिया है आपने..

निहार रंजन ने कहा…

बहुत खूब.

Pallavi saxena ने कहा…

वाह !!! एक सच जो हर इंसान महसूस करता है कभी न कभी :)

रचना दीक्षित ने कहा…

बेहतरीन ख्याल.

नवसंवत्सर की शुभकामनाएँ.

आशा बिष्ट ने कहा…

वाह

राजेश सिंह ने कहा…

short sweet and meaningful

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