शुक्रवार, 31 मई 2013

दिल दा नीड़
















इक उसनो ही असी अपना बनाया सी 
इस  दिल  दे  नीड़  विच  बसाया  सी 
कि  होया जे  ओ पंछी  हुण  उड़ गया 
इक  साडे नसीब ने  दगा कमाया सी !!


सु..मन 

17 comments:

महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा…

बढिया

Hemant ने कहा…

Kya baat kya baat...tusi punjabi ich pehli baar likh rahe ho it seems!!

Pallavi saxena ने कहा…

waah ji badhiya hai...:)

raj sha ने कहा…

nice 1

Vinnie Pandit ने कहा…

Well written.
vinnie

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

waah ....bahut badhiya ...

Saras ने कहा…

Bahut sundar Suman ...

If you love someone
Set him free
If he comes back
He is yours
If he doesn't
He never was...!!!!!!!!

संजय भास्‍कर ने कहा…

... बेहद प्रभावशाली अभिव्यक्ति है ।

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

बहुत उम्दा,प्रस्तुति,,

Recent post: ओ प्यारी लली,

shyam gupta ने कहा…

वाहो! की कहंदा सी ...सौंणा जी...

sadhana vaid ने कहा…

बहुत बढ़िया ! बहुत अच्छा लिखा है !

अरुन शर्मा 'अनन्त' ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (02-06-2013) के चर्चा मंच 1263 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ

महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा…

ये रचना पढ़ चुका हूं, मैं तो अपनी बात कहने आया हूं..

नोट : आमतौर पर मैं अपने लेख पढ़ने के लिए आग्रह नहीं करता हूं, लेकिन आज इसलिए कर रहा हूं, ये बात आपको जाननी चाहिए। मेरे दूसरे ब्लाग TV स्टेशन पर देखिए । धोनी पर क्यों खामोश है मीडिया !
लिंक: http://tvstationlive.blogspot.in/2013/06/blog-post.html?showComment=1370150129478#c4868065043474768765

रचना दीक्षित ने कहा…

सुंदर भावपूर्ण लेखन.

Darshan Jangara ने कहा…

बहुत बढ़िया

Darshan Jangara ने कहा…

बहुत बढ़िया

श्रीराम रॉय ने कहा…

आप जैसी ही सुन्दर ....बधाई

एक टिप्पणी भेजें