रविवार, 22 सितंबर 2013

तेरी याद












रात चुनती रही
शबनम तेरी याद की

पलकें सहेजती रही
आँखों के आशियाने में

ख्वाब भीगते रहे
अश्कों की बारिश में

सीले से लफ़्ज
फड़फड़ाते रहे लबों पे

यूँ कटती रही रात
बस तेरी याद के साथ !!

सु..मन 

24 comments:

Ramakant Singh ने कहा…

BEAUTIFUL LINES WITH EMOTIONS AND FEELINGS

Hemant ने कहा…

Dard aur pyaar ka meetha+namkeen mishran!!
Nice work Sumanji...

sadhana vaid ने कहा…

कोमल भावनाओं की उत्कृष्ट अभिव्यक्ति ! बहुत सुंदर रचना !

Aparna Bose ने कहा…

bhaavpoorn rachna..nice

ओम पुरोहित'कागद' ने कहा…

आप दर्द के यथार्थ रूप को बडी़ सहजता से उकेर देती हैं !
कई बार भोगा हुआ सा लगता है ! यही आपके लेखन की सफ़लता भी है !
बधाई ! लिखते रहो !
www.omkagad.blogspot.com

सु..मन(Suman Kapoor) ने कहा…

Thnx Ramakant ji

सु..मन(Suman Kapoor) ने कहा…

Thnx ji :)

सु..मन(Suman Kapoor) ने कहा…

शुक्रिया साधना जी

सु..मन(Suman Kapoor) ने कहा…

धन्यवाद अपर्णा जी

सु..मन(Suman Kapoor) ने कहा…

ओम जी शुक्रिया , जरुरी नहीं हम जो लिखते हैं वो हमारा व्यक्तिगत होता है । किसी के द्वारा लिखा गया उसके द्वारा भोग गया हो ऐसा नही होता । कवि ह्रदय भावों से भरा होता है और भाव प्रधान है लेखन में ।कई बार दूसरों को पढ़कर , कई बार अपने आस पास से जुडी घटनाओं , बहुत से विचार आते हैं जहन में और उनको मन में संभाले रखना कठिन होता है और फिर कलम चलने लगती है । और कलम को बांधना तो ठीक नही ना ।
मुझे ख़ुशी है मेरा लिखा दर्द सजीव लगता है यही मेरे लेखन को सार्थक बनाता है ।

Yashwant Yash ने कहा…

बहुत ही बढ़िया



सादर

Aruna Kapoor ने कहा…

...बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति!

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

yaadon ki khubsurat prastuti ..

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

वाह जी बढ़ि‍या है

रविकर ने कहा…


बढ़िया है -
आभार आदरणीया-

अरुन शर्मा अनन्त ने कहा…

नमस्कार आपकी यह रचना कल मंगलवार (24--09-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

ई. प्रदीप कुमार साहनी ने कहा…

सुन्दर भावाभिव्यक्ति ।

मेरी नई रचना :- चलो अवध का धाम

कालीपद प्रसाद ने कहा…

बहुत सुन्दर कोमल भावनायों की अभिव्यक्ति
Latest post हे निराकार!
latest post कानून और दंड

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत खूब! भावों और शब्दों का बहुत सुन्दर संयोजन...

राजीव कुमार झा ने कहा…

बहुत सुन्दर .
नई पोस्ट : अद्भुत कला है : बातिक

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

बहुत सुंदर भाव पूर्ण रचना !

नई रचना : सुधि नहि आवत.( विरह गीत )

राजीव कुमार झा ने कहा…

आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल {बृहस्पतिवार} 26/09/2013 को "हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {चर्चामंच}" पर.
आप भी पधारें, सादर ....राजीव कुमार झा

Anju (Anu) Chaudhary ने कहा…

वाह

नादिर खान ने कहा…


सुमन जी सुंदर अभिव्यक्ति के लिए बधाई.

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