बुधवार, 24 फ़रवरी 2016

झुलस रहा मेरा वतन

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झुलस रहा है देखो , हर ओर मेरा वतन 
सेंक रहा चिता कोई , अपने ही हमवतन की !!


सु-मन 

सोमवार, 8 फ़रवरी 2016

बुलबुलों से ख़्वाब

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बुलबुलों से ख़्वाबों को दे दूँ पल भर की उड़ान 
जीने दूँ उनको,उनके हिस्से की कुछ जिन्दगी !!

सु-मन