शनिवार, 5 मार्च 2016

ख़्वाब और ख़याल

5 comments













अलसुबह , पलकों पर 
एक ख़्वाब ने दम तोड़ दिया ..

रात तलक , ख़याल
ज़नाजे से उसके फूल चुनते रहे !!

सु-मन