बुधवार, 4 मई 2011

तेरा एहसास





                मेरे चेहरे की रौनक बता देती है मुझे

                तेरा एहसास मेरी जिन्दगी बन गया है

                आईना शर्माता है अब मेरे अक्स से

                तेरा होना न जाने क्या जादू कर गया है !!





                                                                                                       सु-मन

37 comments:

suman gaur ने कहा…

Ji hamesha ki tarah laajwab hai ............bahut khubsurat ..........

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत उम्दा!!

रचना दीक्षित ने कहा…

भावनाओ की कोअल अभिव्यक्ति. बहुत सुंदर.

Sunil Kumar ने कहा…

acxhhi lagi

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

बहुत उम्दा शेर!

Arun sathi ने कहा…

सुन्दर अहसास

Arun sathi ने कहा…

सुन्दर अहसास

amit kumar srivastava ने कहा…

"गोया आईना उतारना चाहता हो तेरा अक्स अपने अंदर,
जिससे दूसरा कोई और समा ना सके फ़िर उसके भीतर" |

Dr. Zakir Ali Rajnish ने कहा…

बहुत खूब लिखा है आपने। बधाई।

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समीरलाल की उड़नतश्‍तरी।
अंधविश्‍वास की शिकार महिलाऍं।

NANDLAL BHARATI ने कहा…

adbhoot ehsaas.............

amit kumar srivastava ने कहा…

आईना भी उन पर शैदा हो गया,
एक दुश्मन और पैदा हो गया ।

Amit Chandra ने कहा…

जी यही तो प्यार है। शानदार।

विशाल ने कहा…

बहुत खूबसूरत अहसास.
खूबसूरत अलफ़ाज़.

कभी मेरे ब्लॉग पर भी आयें.

Unknown ने कहा…

...बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति!

वाणी गीत ने कहा…

खूबसूरत एहसास !

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

कम शब्द ...गहरी अभिव्यक्ति...बहुत बढ़िया

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत खूब

udaya veer singh ने कहा…

khubsurat nazm .badhayi

Manav Mehta 'मन' ने कहा…

बहुत ही सुन्दर एहसासात हैं ये प्यार के........
प्यार में अक्सर यही होता है..........
बहुत सुन्दर................................. :)))))

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर..

nilesh mathur ने कहा…

बेहतरीन अभिव्यक्ति!

हल्ला बोल ने कहा…

ब्लॉग जगत में पहली बार एक ऐसा सामुदायिक ब्लॉग जो भारत के स्वाभिमान और हिन्दू स्वाभिमान को संकल्पित है, जो देशभक्त मुसलमानों का सम्मान करता है, पर बाबर और लादेन द्वारा रचित इस्लाम की हिंसा का खुलकर विरोध करता है. साथ ही धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कायरता दिखाने वाले हिन्दुओ का भी विरोध करता है.
आप भी बन सकते इस ब्लॉग के लेखक बस आपके अन्दर सच लिखने का हौसला होना चाहिए.
समय मिले तो इस ब्लॉग को देखकर अपने विचार अवश्य दे
.
जानिए क्या है धर्मनिरपेक्षता
हल्ला बोल के नियम व् शर्तें

डॉ. महफूज़ अली (Dr. Mahfooz Ali) ने कहा…

अंतिम पंक्तियों ने तो कमाल कर दिया.... बहुत सुंदर.........

निर्मला कपिला ने कहा…

बदिया।

CSK ने कहा…

वाह..अति..सुन्दर..."तेरा होना न जाने क्या जादू कर गया है"
इस जादू ने आपको मोहित कर रखा है और आपके शब्दों के जादू ने हमें...

चम्पक (कुमार कश्यप),
बंगलौर

Urmi ने कहा…

बहुत ख़ूबसूरत और भावपूर्ण रचना लिखा है आपने! उम्दा प्रस्तुती! बधाई!

Vivek Jain ने कहा…

बहुत भावमयी रचना,
विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

Randhir Singh Suman ने कहा…

nice

Kunwar Kusumesh ने कहा…

सुन्दर लेखन.

दिगंबर नासवा ने कहा…

बस इतना ही कहूँगा .... लाजवाब .... उन्मुक्त प्रेम का एहसास .....

Kavita Rawat ने कहा…

badiya AHSAS!

महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा…

बहुत सुंदर.. क्या कहने

M VERMA ने कहा…

बेहतरीन एहसास

संतोष पाण्डेय ने कहा…

बेहतरीन कवितायेँ. बधाई.

बेनामी ने कहा…

bahut khoob likha aapane
sirf 4 lines main sab kuch kah dia

nice blog
mere blog par bhi aaiyega aur pasand aaye to follow kariyega
http://iamhereonlyforu.blogspot.com/

Unknown ने कहा…

बहुत ही खूब..
मेरे ब्लॉग पर भी आपका स्वागत है : Blind Devotion

Patali-The-Village ने कहा…

बेहतरीन एहसास|धन्यवाद|

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