रविवार, 18 दिसंबर 2011

तेरा साथ















जिन्दगी
बिखर जायेगी
या सवँर जायेगी
ना मालूम मुझे
पर......
तेरे साथ ने
जिन्दगी के
मायने बदल दिये ......  !!
                               सु-मन 

31 comments:

डा0 हेमंत कुमार ♠ Dr Hemant Kumar ने कहा…

Kam shabdon me bahut prabhavshali abhivyakti...

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…






आदरणीया सुमन मीत जी
सस्नेहाभिवादन !

तेरे साथ ने ज़िंदगी के मायने बदल दिए…
अजी , भगवान भला ही करेगा :)

अच्छी रचना …


नव वर्ष 2012 के लिए अग्रिम बधाई और मंगलकामनाओं सहित…
- राजेन्द्र स्वर्णकार

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत बढ़िया...

श्यामल सुमन ने कहा…

बहुत खूब सुमन

कितने पल की जिन्दगी या
पल में कितनी जिन्दगी

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
http://www.manoramsuman.blogspot.com
http://meraayeena.blogspot.com/
http://maithilbhooshan.blogspot.com/

Sunil Kumar ने कहा…

bahut achha hai....

Arun sathi ने कहा…

शाश्वत की काव्यात्मक अभिव्यक्ति...

Unknown ने कहा…

क्या खूब!...एकदम सकारात्मक सोच!

alka ने कहा…

beautiful suman......

डॉ. महफूज़ अली (Dr. Mahfooz Ali) ने कहा…

बहुत अच्छी और सुन्दर रचना......

नरेश चन्द्र बोहरा ने कहा…

Bahut sundar.

दिगंबर नासवा ने कहा…

क्या बात है ... किसी का साथ जब मायने बदल दे तो साथ छोडना नहीं चाहिए ....

Unknown ने कहा…

जिंदगी के मायने साथ रहने पे ही बदलते और बिखरते और जुडते है मैं यही जनता हूँ जहा तक मेरा मानना है.....सुमन जी .....वेसे काफी अच्छी लाइन लिखी है बहुत सुन्दर.......

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी की जायेगी! आपके ब्लॉग पर अधिक से अधिक पाठक पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

Urmi ने कहा…

छोटी सी सुन्दर कविता के माध्यम से आपने सच्चाई बयान कर दिया है! बढ़िया लगा!

महेन्‍द्र वर्मा ने कहा…

बहुत ही सुंदर कविता।

Kunwar Kusumesh ने कहा…

जब कोई अच्छा लगने लगता है तो ज़िन्दगी के मायने बदल ही जाते हैं

राजेश चड्ढ़ा ने कहा…

अब ही तो ज़िन्दग़ी मिली है...जीने को

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

मिलती है जिंदगी में मोहलत कभी कभी,....जिंदिगी का अहसास दिलाती रचना,....सुंदर पोस्ट.....
मेरी नई पोस्ट के लिए काव्यान्जलि मे click करे

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

मेरी नई पोस्ट के लिए काव्यान्जलि मे click करे

महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा…

बहुत सुंदर पंक्तियां है..
क्या कहने

Amit Chandra ने कहा…

उम्दा

बेहद खूबसूरत लाइन.

vikram7 ने कहा…

अति सुन्दर प्रस्‍तुति
।नव वर्ष की शुभकामनायें.
vikram7: आ,मृग-जल से प्यास बुझा लें.....

vikram7 ने कहा…

अति सुन्दर प्रस्‍तुति
।नव वर्ष की शुभकामनायें.
vikram7: आ,मृग-जल से प्यास बुझा लें.....

प्रेम सरोवर ने कहा…

बेहतरीन प्रस्तुति । मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है । . नव वर्ष -2012 के लिए हार्दिक शुभ कामनाएँ ।

amit kumar srivastava ने कहा…

नव वर्ष की हार्दिक शुभ कामनाएँ।

Rakesh Kumar ने कहा…

साथ का जीवन में बहुत महत्व है.
आपकी प्रस्तुति अति उत्तम है.
साथ का मकसद बयान करती.

नववर्ष की आपको हार्दिक शुभकामनाएँ.

समय मिलने पर मेरे ब्लॉग पर आईयेगा.

Kunwar Kusumesh ने कहा…

नया साल बहुत बहुत मुबारक.

Madhuresh ने कहा…

Bahut khoob kaha aapne!

मेरा मन पंछी सा ने कहा…

बेहद सुन्दर पंक्तियाँ...
:-)

बेनामी ने कहा…

thanks for niceline

बेनामी ने कहा…

bahut kub

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