बुधवार, 19 जून 2013

ऐतबार

















एक जिद तेरी मुझसे रूठ जाने की
 
एक मिन्नत मेरी फिर तुझे मनाने की


एक प्यार तेरा मुझे यूँ सताने का


एक ऐतबार मेरा तेरे लौट आने का !!



सु-मन 

21 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

मित्रों..!
आजकल उत्तराखण्ड में बारिश और बाढ़ का कहर है। जिससे मैं भी अछूता नहीं हूँ। विद्युत आपूर्ति भी ठप्प है और इंटरनेट भी बाधित है। आज बड़ी मुश्किल से नेट चला है।
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आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि की चर्चा आज बुधवार (19-06-2013) को तड़प जिंदगी की ---बुधवारीय चर्चा 1280 में "मयंक का कोना" पर भी है!
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत उम्दा!

राहुल ने कहा…

ऐतबार उम्मीदों का...सब कुछ बेहतर होने का....

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

इसी ऐतबार के सहारे तो जिन्दगी कट जाती है ....दिल को छूती अभिव्यक्ति ....

shyam gupta ने कहा…

ऐ मेरे दिल तू यूंही गैर पे एतबार न कर....

Anju (Anu) Chaudhary ने कहा…

वाह बहुत खूब

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

बहुत उम्दा,सुंदर रचना,,,

RECENT POST : तड़प,

Pallavi saxena ने कहा…

behtreen...

Unknown ने कहा…

Sumanji,
Aap ki abhivayakti prshansniy hai.
Please visit my blog"Unwarat.com."After reading stories & articles do give your comments.
Vinnie

sandeep kumar ने कहा…

ये सोचकर की तू खिड़की से झांक ले
तेरी गली के बच्चे आपस मे लड़ा दिये मेने ......

kavita vikas ने कहा…

lajawaab

Unknown ने कहा…

BEAUTIFUL LINES WITH LOVE EMOTIONS AND FEELINGS

sushma verma ने कहा…

bhaut hi accha...

निहार रंजन ने कहा…

यही एतबार ही सबसे जरूरी है.

Sadhana Vaid ने कहा…

बहुत बढ़िया ! प्यार और ऐतबार की यह जुगलबंदी बहुत अच्छी लगी !

रचना दीक्षित ने कहा…

रूठना मनाना चलते रहना चाहिये.

Unknown ने कहा…

रूठने मनाने मेँ ही प्यार की सार्थकता है । इतने सुन्दर भावोँ की प्रस्तुति के लिए बधाई । सस्नेह

Naveen Mani Tripathi ने कहा…

wah kya bat hai ......sundar abhivyakti .

VIJAY KUMAR VERMA ने कहा…

वाह क्या बात है ...

Unknown ने कहा…

http://www.hindisamay.com/

Aparna Bose ने कहा…

बेहतरीन

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