शुक्रवार, 31 मई 2013

दिल दा नीड़

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इक उसनो ही असी अपना बनाया सी 
इस  दिल  दे  नीड़  विच  बसाया  सी 
कि  होया जे  ओ पंछी  हुण  उड़ गया 
इक  साडे नसीब ने  दगा कमाया सी !!


सु-मन 

शनिवार, 18 मई 2013

रिहाई

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उसने दे दी अपनी हर साँस से रिहाई मुझको 
कुछ इस तरह उसने अपना हक अदा कर दिया !!


सु-मन