बुधवार, 3 जुलाई 2019

कश्मीर

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नज़्म भी जिसके आगोश में फ़ना हो गई 
कश्मीर ! जिसे दुनिया जन्नत पुकारती है ||


सु-मन 

सोमवार, 27 मई 2019

इन्सानियत

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.....क्या खूब इन्सानियत की हस्ती हो गई 
हथियार बेशकीमती जिंदगी सस्ती हो गई !!


सु-मन 

बुधवार, 2 जनवरी 2019

बाबुल

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.......फ़लक पर
भीगा ही होगा तुम्हारा दामन


तेरी याद के साये ने
आज जब छुआ मुझको बाबुल !!


सु-मन 

गुरुवार, 15 नवंबर 2018

...शाम

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......शाम 
ख़याल के सीने पर 
सोया हुआ 
नज़्म का एक टुकड़ा !!


सु-मन 

शनिवार, 22 सितंबर 2018

उम्मीदें

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धुँधली होने लगी हैं उम्मीदें 
तारीखें भूलने लगी हूँ मैं .. !!

सु-मन 

बुधवार, 12 सितंबर 2018

समन्दर-ए-इश्क़

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खाली लम्हों को तेरे ख़यालों से जो सजाया हमने 
जाम-ए-सेहरा सा दिन समन्दर-ए-इश्क़ में ढल गया !!

सु-मन 

शुक्रवार, 13 जुलाई 2018

मोहलतें

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मैंने ख़यालों में रखी हैं कुछ मोहलतें
तुम आकर रख जाना कुछ वक़्त मेरी ख़ातिर !!



सु-मन