रविवार, 14 जुलाई 2013

खलिश

                            

                                      इस भीगी शाम में सीली याद सी 
                                      इक तेरी खलिश है बेहिसाब सी !!


                                                                                                                                                                                                   सु..मन 

26 comments:

Ratan singh shekhawat ने कहा…

वाह !

सु..मन(Suman Kapoor) ने कहा…

shukriya Ratan ji

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

वाह !!! बहुत खूब,क्या बात है,,,

RECENT POST : अपनी पहचान

induravisinghj ने कहा…

वाह !

BS Pabla ने कहा…

बेहिसाब

सु..मन(Suman Kapoor) ने कहा…

शुक्रिया धीरेन्द्र जी

सु..मन(Suman Kapoor) ने कहा…

thnx Indu ji :)

सु..मन(Suman Kapoor) ने कहा…

:))) Pabla ji ..dekho maine apna blog recover kr liya

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

वाह ... बहुत खूब

Amit Pithadia ने कहा…

Good one...

its my walls
Bloggers Listing

Hemant ने कहा…

awesome lines!!

Mahi S ने कहा…

<3 <3

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि की चर्चा आज सोमवार (15-07-2013) को आपकी गुज़ारिश : चर्चा मंच 1307 में "मयंक का कोना" पर भी है!
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

राहुल ने कहा…

anhad...

ashish ने कहा…

सुन्दर भाव और शब्द

kavita verma ने कहा…

bahut khoob ...

Dr (Miss) Sharad Singh ने कहा…

बहुत सुन्दर ...

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बहुत खूब ... भाव पूर्ण ...

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत खूब!

Yashwant Mathur ने कहा…

वाह!

महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा…

बढिया
बहुत सुंदर

Veena Srivastava ने कहा…

बहुत बढ़िया...

Saras ने कहा…

वाह..!!!

jyoti khare ने कहा…

प्रेम का महीन अहसास
गीली होतीं यादें
सुंदर भाव
बधाई

कविता रावत ने कहा…

बहुत खूब कही ...

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी ने कहा…

बहुत उम्दा भावपूर्ण प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

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