सोमवार, 8 अगस्त 2016

दर्द

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मेरे दर्द की खबर भी नहीं हुई जमाने को 
दर्द मुझको और मैं दर्द को यूँ जीता रहा !!

 सु-मन 

शुक्रवार, 8 जुलाई 2016

आस भरी तसल्लियाँ

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बाँध लेते हैं हम
कलाई में अपनी
कुछ हिफाज़तें
जीने की खातिर

मिल ही जाती है
कुछ इस तरह
हमारी चाहों को
आस भरी तसल्लियाँ !!


सु-मन 

शनिवार, 19 मार्च 2016

ख़ामोशी

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जब कभी 
....मैं 
नहीं कह पाती 
....तुमसे 
अपने मन की बात 
मुठ्ठी भर ख़ामोशी 
भेज देती हूँ तुम्हें 
ख़ामोशी भी बोलती है 
सुन सको तो सुनना !!

सु-मन 

शनिवार, 5 मार्च 2016

ख़्वाब और ख़याल

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अलसुबह , पलकों पर 
एक ख़्वाब ने दम तोड़ दिया ..

रात तलक , ख़याल
ज़नाजे से उसके फूल चुनते रहे !!

सु-मन 

बुधवार, 24 फ़रवरी 2016

झुलस रहा मेरा वतन

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झुलस रहा है देखो , हर ओर मेरा वतन 
सेंक रहा चिता कोई , अपने ही हमवतन की !!


सु-मन 

सोमवार, 8 फ़रवरी 2016

बुलबुलों से ख़्वाब

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बुलबुलों से ख़्वाबों को दे दूँ पल भर की उड़ान 
जीने दूँ उनको,उनके हिस्से की कुछ जिन्दगी !!

सु-मन 

शनिवार, 26 दिसंबर 2015

हर दफ़ा

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हर दफ़ा भूल जाते हो तुम अपनी कही हर बात 
मैं सोच कर इसे पहली दफ़ा हर बार भूल जाती हूँ !!

सु-मन