शनिवार, 3 दिसंबर 2016

तुम और मैं -५

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जानती हूँ तुम नहीं हो ..

ख़ामोशी तुम तक पहुँचने का मेरा पसंदीदा एकमात्र विकल्प है !!

सु-मन 

शुक्रवार, 18 नवंबर 2016

तुम और मैं -४

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रिश्ते के प्रति प्रतिबद्धता मेरा निर्णय है और निष्कासन तुम्हारी अपनी चाह | सोच अलहदा होकर भी एक सी हैं ..बे-हद और बेलगाम |

हम लाईलाज तमन्नाओं से अभिशप्त हैं !!

सु-मन 

सोमवार, 7 नवंबर 2016

तुम और मैं -३

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        मेरे पास हज़ारों ख़्वाहिशें हैं तुम तक पहुँचने की और और तुम्हारे पास बहुत सारे गिले जुदा           होने के |

        चलो हिसाब बराबर हुआ ..गिला ख़्वाहिशों की नमी तले आबाद रहे !!

        सु-मन 

शनिवार, 29 अक्तूबर 2016

हौसले की लौ

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एक दिया रौशन कर देता है जिन्दगी 
हौसले की लौ को जब जलाता है वो !!

सु-मन 

दीप पर्व मुबारक !!

सोमवार, 24 अक्तूबर 2016

तुम और मैं -२

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मेरी धड़कन मेरे होने का प्रमाण है और तुम धड़कन की गति |

प्रमाणित है कि जिंदगी चल रही है !!

सु-मन 

मंगलवार, 18 अक्तूबर 2016

तुम और मैं -१

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तुम बन जाना मेरी अंतिम साँस .......मैं तुम संग मृत्यु जी लूँगी !!

सु-मन 

शुक्रवार, 7 अक्तूबर 2016

उम्मीद

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चल उम्मीद के तकिये पर 
सर रख कर सोयें 
ख़्वाबों में बोयें 
कुछ जिन्दगी 
क्या मालूम सुबह जब 
आँख खुले 
हर उम्मीद हो जाये हरी भरी !!


सु-मन