रविवार, 26 अगस्त 2012

मौन












एक चुप्पी सी है बस


और कुछ नही 


शब्दों के परे का 'मौन'


कितना गहरा होता है ना ...!!









सु-मन 

12 comments:

Mahi S ने कहा…

बहुत सुंदर...

Udan Tashtari ने कहा…

सच...क्या बात है!

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

nice post.

induravisinghj ने कहा…

शब्दों से परे का मौन.....बेहद गहरा !

Anju (Anu) Chaudhary ने कहा…

और इस चुप्पी की कोई भाषा ना परिभाषा हैं ...

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

:)

मनोज कुमार ने कहा…

मौन की आवाज़ दूर तक और देर तक सुनाई देती है।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बिलकुल .. शब्दों के परे भी आवाज़ होती है मौन की ...लाजवाब ...

anklet ने कहा…

nice

Reena Maurya ने कहा…

bilkul sahi..
:-)

Gaurav ने कहा…

शब्दों के परे भी समन्दरों के वजूद हैं
जहां सौ चुप्पियां, हजारों खामोशियां मौजूद हैं।

Gaurav ने कहा…

शब्दों के परे भी समन्दरों के वजूद हैं
जहां सौ चुप्पियां, हजारों खामोशियां मौजूद हैं।

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