शनिवार, 27 अप्रैल 2013

तेरे नां दी इक बूँद

















तेरे नां दी इक बूँद जे चख लूँ तां अमृत होए 

साहां ते रुलदी पई रूह नू हुण बसेरा दे दे ..!!






सु~मन 

21 comments:

Yashwant R. B. Mathur ने कहा…

बेहतरीन



सादर

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

Kya Baat..... Wah

Anju (Anu) Chaudhary ने कहा…

दिला दे बसेरे विच ओ ही बसदा
मेरी रूह दी गला नूं ओ ही रचदा ||...अंजु(अनु)

Aruna Kapoor ने कहा…

...दिल के दर्द को बयां करती अभ्यर्थना!

विभूति" ने कहा…

खुबसूरत अभिवयक्ति.....

अरुन अनन्त ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (28-04-2013) के चर्चा मंच 1228 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

वाह !!! बहुत उम्दा प्रस्तुति !!!

Recent post: तुम्हारा चेहरा ,

amit kumar srivastava ने कहा…

वाह जी वाह । बहुत दिनों बाद कुछ लिखा तो अपने ..वह भी इतना शानदार ।

ब्लॉग बुलेटिन ने कहा…

आज की ब्लॉग बुलेटिन १०१ नॉट आउट - जोहरा सहगल - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

Udan Tashtari ने कहा…

सुन्दर!!

Jyoti khare ने कहा…

सुंदर सहज
वाह बहुत खूब
बधाई

Unknown ने कहा…

Sumanji,
Well written.
Vinnie

Tamasha-E-Zindagi ने कहा…

लाजवाब |

कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
Tamasha-E-Zindagi
Tamashaezindagi FB Page

Asha Lata Saxena ने कहा…

बढ़िया है |
आशा

रचना दीक्षित ने कहा…

बेहतरीन भाव.
शुभकामनाएँ.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

वाह ... किसी के नाम की एक बूँद अमृत स असर करती है ..
सच कहा है .. लाजवाब ...

कालीपद "प्रसाद" ने कहा…


बहुत सुन्दर भाव !

अनुशरण कर मेरे ब्लॉग को अनुभव करे मेरी अनुभूति को
latest postजीवन संध्या
latest post परम्परा

Saras ने कहा…

वाह सुमन .....सब कुछ कह दिया ...!!!!!

राहुल ने कहा…

भाषा को लेकर बात समझ में नहीं आई... वैसे सब लोगों के साथ-साथ सरसजी भी तारीफ़ कर रही हैं तो इसका मतलब शब्दों में दम-ख़म है ..............

Ramakant Singh ने कहा…

निःशब्द करती

Unknown ने कहा…

sundar suman ji....

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