गुरुवार, 3 अक्तूबर 2013

जाम-ए-हसरत












जाम - ए - हसरत न रख ख़ाली ऐ साकी 
तमाशा-ए-जिंदगी का जश्न बाकी है अभी !!


सु-मन 

24 comments:

Rajeysha ने कहा…

जाम ए हसरत ना रख खाली ऐ साकी
तमाशा ए जिन्दगी का जश्न है बाकी

Rajendra kumar ने कहा…

आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (04-10-2013) को " लोग जान जायेंगे (चर्चा -1388)
"
पर लिंक की गयी है,कृपया पधारे.वहाँ आपका स्वागत है.

रविकर ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति -
शुभकामनायें आदरणीया-

Benella Cox ने कहा…

Ati Sundar

Hemant ने कहा…

Subhaan-allah!!!

Saras ने कहा…

वाह सुमन....

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

वाह ! बहुत लाजबाब शेर !

RECENT POST : मर्ज जो अच्छा नहीं होता.

sushma verma ने कहा…

खुबसूरत अभिवयक्ति......

Vaanbhatt ने कहा…

वाह - वाह...

Dr ajay yadav ने कहा…

जाने कब से पुतलियों (Aankhein) पर नक्श है
कैसी सूरत है कि धुंधलाती नहीं ::
{Alam Khursheed}
“अजेय-असीम{Unlimited Potential}”

मेरा मन पंछी सा ने कहा…

बहुत खूब :-)

राजीव कुमार झा ने कहा…

बहुत सुन्दर .
नई पोस्ट : नई अंतर्दृष्टि : मंजूषा कला

Nisheeth Ranjan ने कहा…

Fabulous Lines......

ANULATA RAJ NAIR ने कहा…

वाह!!!
हसरतों के जाम छलकेंगे ,तभी मुस्कुरायेगी ,झूमेगी ज़िन्दगी :-)

अनु

संजय भास्‍कर ने कहा…

प्रशंसनीय - बधाई
शब्दों की मुस्कुराहट पर ....क्योंकि हम भी डरते है :)

Unknown ने कहा…

बहुत बढिया। हसरतों का जाम खाली हो तभी तो उसे भरने की कोशिश होगी।

Unknown ने कहा…

बहुत बढिया। हसरतों का जाम खाली हो तभी तो उसे भरने की कोशिश होगी।

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

सुंदर भाव।

Unknown ने कहा…

kya baat hai suman ji............jindagi ka jashn baaki hai abhi bahut sunder

visit here also ..........

http://anandkriti007.blogspot.com

अनाम ने कहा…

आपने लिखा....हमने पढ़ा....
और लोग भी पढ़ें; ...इसलिए आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल में शामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा {रविवार} 06/10/2013 को इक नई दुनिया बनानी है अभी..... - हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल – अंकः018 पर लिंक की गयी है। कृपया आप भी पधारें और फॉलो कर उत्साह बढ़ाएँ | सादर ....ललित चाहार

Darshan jangra ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति

वोट / पात्रता - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः30

दिगंबर नासवा ने कहा…

वाह बहुत ही लाजवाब है ...

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत खूब

Unknown ने कहा…

वाह! क्या खूब कहा । बधाई । सस्नेह

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