बुधवार, 30 अगस्त 2017

रूबरू


























तुझसे रूबरू न हो पाऊँ , न सही 
तेरी धड़कन अब मुझसे होकर गुजरती है !!

सु-मन 

1 comments:

दिलबागसिंह विर्क ने कहा…

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 31-08-2017 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2713 में दिया जाएगा
धन्यवाद

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